February 2, 2026

1 thought on “कभी तटस्थ नहीं होते कलम के सिपाही!

  1. मेरे विचार में कलम को ताक़त पाठकों से मिलती है। जब पाठक किसी विचाराधारा की असफलता देख लेते हैं तो उस विचार के लेखक भी इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहते।
    जैसे वामपथी विचारधारा को रूस और चीन में गिरते देखा।
    वर्तमान में पाठक बोध बहुत कम है । समाजिक जागृति की आवश्यकता है।

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