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रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के आधुनिक एवं गैर-सर्जिकल उपचार की दिशा में हनुमानगढ़ को एक नई सुविधा मिली है। डॉ. राम सिहाग फिजियोथेरेपी हॉस्पिटल में बीकानेर संभाग की पहली एडवांस रोबोटिक्स एक्सियल रोटेशन तकनीक से युक्त स्पाइनल डिकंप्रेशन यूनिट का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. एस.एस. गेट एवं डॉ. राम सिहाग के पिता साहबराम सिहाग विशेष रूप से मौजूद रहे। डॉ. एस.एस. गेट ने रिबन काटकर एवं मशीन का शुभारंभ कर इस आधुनिक सुविधा की शुरुआत की।
इस अवसर पर डॉ. राम सिहाग ने डीटीएस स्पाइनल डिकंप्रेशन तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक स्पाइनल डिकंप्रेशन तकनीक का उद्देश्य रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव को कम करने तथा नसों पर दबाव से जुड़ी समस्याओं के प्रबंधन में सहायता करना है। एक्सियल रोटेशन तकनीक के कारण उपचार को मरीज की आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित तरीके से किया जा सकता है।
डॉ. राम सिहाग ने कहा कि हर स्लिप डिस्क के मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। मरीज की जांच, लक्षणों और चिकित्सकीय स्थिति का उचित मूल्यांकन करने के बाद कई मामलों में फिजियोथेरेपी एवं अन्य गैर-सर्जिकल उपचार विकल्पों के माध्यम से समस्या का प्रबंधन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कमर या गर्दन के दर्द, नसों पर दबाव, झनझनाहट, सुन्नपन तथा स्लिप डिस्क जैसी समस्याओं में मरीज की स्थिति के अनुसार स्पाइनल डिकंप्रेशन तकनीक को उपचार योजना का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, प्रत्येक मरीज के लिए उपचार का निर्णय विशेषज्ञ द्वारा चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही किया जाना चाहिए।
डॉ. राम सिहाग ने कहा कि हॉस्पिटल में एडवांस रोबोटिक्स एवं आधुनिक स्पाइनल रिहैबिलिटेशन तकनीकों को उपलब्ध कराने का उद्देश्य मरीजों को बेहतर और वैज्ञानिक उपचार विकल्प प्रदान करना है। नई स्पाइनल डिकंप्रेशन यूनिट के माध्यम से क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक गैर-सर्जिकल स्पाइन केयर की सुविधा अपने ही संभाग में उपलब्ध हो सकेगी। बीकानेर संभाग में एक्सियल रोटेशन तकनीक से युक्त इस स्पाइनल डिकंप्रेशन यूनिट की शुरुआत को स्पाइन केयर और न्यूरो-रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







