




ग्राम सेतु ब्यूरो.
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं रह गई है। रोजगार पाने और उसमें टिके रहने के लिए युवाओं, विशेषकर छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और पेशेवर कौशल से लैस होना अनिवार्य हो गया है। इसी जरूरत को महसूस करते हुए शिक्षा संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा रोजगारयोग्यता बढ़ाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की अहमियत लगातार बढ़ रही है। इसी के तहत हनुमानगढ जंक्शन स्थित श्रीदेवी महिला पॉलिटेक्निक में शहर की छात्राओं के लिए नंदी फाउंडेशन के महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के अंतर्गत विशेष रोजगारयोग्यता कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम महिंद्रा समूह के सौजन्य से पूर्णतः निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के शैक्षणिक निदेशक आनंद जैन ने किया। उन्होंने कहा कि आज की छात्राओं को तालीम के साथ-साथ हुनर की भी जरूरत है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी अलग पहचान कायम कर सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्राओं को रोजगार के अनुरूप आवश्यक कौशल, आत्मविश्वास और पेशेवर जीवन की तैयारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान संचार कौशल, कार्यात्मक अंग्रेजी, व्यवहारिक कौशल (सॉफ्ट स्किल), व्यक्तित्व विकास, प्रस्तुति कौशल, टीम वर्क, समय प्रबंधन तथा साक्षात्कार की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि छात्राओं को ऐसा सक्षम बनाना है कि वे किसी भी कार्यस्थल पर अपने हुनर और व्यवहार से खुद को साबित कर सकें। इस प्रशिक्षण में छात्राओं को यह भी सिखाया जा रहा है कि कैसे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी जाए और पेशेवर दुनिया में शालीनता व तहज़ीब के साथ आगे बढ़ा जाए।
नंदी फाउंडेशन के राज्य प्रभारी तरुण ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि आज की छात्राओं में काबिलियत की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन और मंच की। ऐसे कार्यक्रम उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करते हैं और उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं, जो उनके मुस्तकबिल को मजबूत बनाता है।
प्रशिक्षण के पहले दिन मुख्य प्रशिक्षक पूजा के मार्गदर्शन में श्रीदेवी महिला पॉलिटेक्निक, बेबी हैप्पी मॉडर्न कॉलेज और पुलकित एंजल कॉलेज की लगभग 75 छात्राओं ने भाग लिया। पहले दिन छात्राओं को संचार कौशल के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। व्यावहारिक कार्यशाला के माध्यम से उन्हें बोलने, सुनने और प्रभावी संवाद स्थापित करने का अभ्यास भी कराया गया।
छात्राओं ने इस सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी झिझक को दूर करते हुए संवाद कौशल को बेहतर बनाने की कोशिश की। माहौल में सीखने की ललक और जोश साफ नजर आया।
इस अवसर पर बेबी हैप्पी बी.एड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संतोष चौधरी ने छात्राओं को उपलब्ध अवसरों का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी ट्रेनिंग छात्राओं के लिए नेमत से कम नहीं है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
वहीं, आनंद जैन ने कहा कि सफलता किसी एक दिन में नहीं मिलती। इसके लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत और सब्र की जरूरत होती है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को अपनी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनाएं और सीखे गए कौशल को व्यवहार में उतारें।
कुल मिलाकर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के लिए न केवल रोजगार की दिशा में एक अहम क़दम है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और सोच को निखारने का भी सशक्त माध्यम है। ऐसी पहलें यह साबित करती हैं कि सही दिशा और सही मार्गदर्शन मिले तो छात्राएं अपने हुनर के दम पर हर मुकाम हासिल कर सकती हैं।







