




ग्राम सेतु डेस्क
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित हनुमानगढ इंटरनेशनल स्कूल परिसर में सुबह से ही चहल-पहल थी। रंग-बिरंगी रंगोलियों, पौधों की हरियाली और बच्चों की उत्सुक मुस्कान ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। शिक्षकों की सधी हुई तैयारियां और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बता रहा था कि यह कोई साधारण दिन नहीं, बल्कि उपलब्धियों और संकल्पों का पर्व है। इसी जीवंत वातावरण के बीच हनुमानगढ़ इंटरनेशनल स्कूल का स्थापना दिवस पूरे उल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों की गतिविधियों के अवलोकन से हुई। ‘कुकिंग विदाउट फायर’, रंगोली और पौधारोपण जैसी रचनात्मक स्टॉल्स ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि शिक्षा किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन कौशल का अभ्यास है। अतिथियों ने स्टॉल्स का अवलोकन किया और बच्चों के प्रयासों की खुले दिल से सराहना की।
विद्यालय की प्रिंसीपल डॉ. रेखा तनेजा ने कहा कि स्कूल केवल शैक्षणिक ज्ञान का केंद्र नहीं होता, बल्कि वह पवित्र स्थान है जहाँ संस्कार, अनुशासन और चरित्र का निर्माण होता है। शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना है ताकि उनमें आत्मविश्वास, विवेक और जिम्मेदारी का विकास हो। डॉ. तनेजा ने विद्यालय की स्थापना से लेकर एक सशक्त और समग्र शैक्षणिक संस्थान बनने तक की यात्रा का विस्तार से वर्णन करते हुए टीमवर्क, अभिभावकों के सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत को इसकी सफलता का आधार बताया।
मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन भारतेन्दु सैनी ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की असली ताकत उसके विद्यार्थी होते हैं। विद्यालय का हर निर्णय और प्रयास विद्यार्थियों के समग्र विकास और कल्याण को केंद्र में रखकर होना चाहिए। विद्यालय परिवार निरंतर विस्तार की दिशा में अग्रसर है और उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के साथ-साथ सर्वांगीण विकास को बनाए रखना ही स्थायी सफलता की कुंजी है।
स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। फिजिक्सवाला विद्यापीठ से नवीन उपाध्याय और सुरेश चौधरी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आधुनिक शिक्षा की चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए। लायन्स क्लब के अध्यक्ष अशोक सुथार ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला, वहीं नवज्योति शिक्षण संस्थान की डायरेक्टर डॉ. पायल गुम्बर ने विद्यार्थियों को सतत सीखने और मूल्यों को जीवन में उतारने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण गतिविधि ने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। बच्चों ने नन्हे हाथों से पौधे लगाकर यह दिखाया कि आने वाला भविष्य जिम्मेदार पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित है। ‘कुकिंग विदाउट फायर’ जैसी गतिविधियों ने बच्चों की रचनात्मक सोच और सहयोग की भावना को उजागर किया, जबकि रंगोली ने उनकी सौंदर्यबोध और सांस्कृतिक समझ को मंच दिया। समापन अवसर पर अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासित वातावरण, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की प्रशंसा की।







