






ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन हनुमानगढ़ के चुनाव में आम सहमति से एडवोकेट रोहित अग्रवाल को लगातार चौथी बार अध्यक्ष चुना गया। चुनाव की प्रक्रिया जिला मुख्यालय स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जहां अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से रोहित अग्रवाल के नाम पर मुहर लगी।
चुनाव में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। राजेंद्र सिल्लू को उपाध्यक्ष, विनय जिंदल को सचिव, संदीप गर्ग को सह सचिव तथा संदीप बाघला को कोषाध्यक्ष चुना गया। खास बात यह रही कि किसी भी पद के लिए विरोध या खींचतान देखने को नहीं मिली। कहने वाले कह सकते हैं कि यह चुनाव नहीं, बल्कि संस्था की सामूहिक समझदारी का प्रमाण था, जहां ‘कौन बनेगा’ से ज्यादा ‘कौन संभालेगा’ पर जोर रहा।
चुनावी बैठक में बड़ी संख्या में वरिष्ठ और युवा सदस्य मौजूद रहे। वरिष्ठ सदस्यों ने रोहित अग्रवाल की नेतृत्व क्षमता, कार्यशैली और संस्था के लिए किए गए प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि पिछले कार्यकालों में उन्होंने न केवल सदस्यों की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस पहल भी की। कई नवाचार किए। उनके पास संस्था को आगे बढ़ाने को लेकर विजन है। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया जाना संस्था के हित में है। इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने करतल ध्वनि से समर्थन किया, जिससे माहौल में एक सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
चौथी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद एडवोकेट रोहित अग्रवाल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद और साथियों का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है, और वे इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि संस्था को आगे ले जाने के लिए अनुभव और नई सोच, दोनों का संतुलन जरूरी है।
अपने आगामी कार्यकाल की प्राथमिकताओं को रखते हुए रोहित अग्रवाल ने बताया कि टैक्स बार एसोसिएशन के अपने भवन के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया को पूरा कराना और भवन निर्माण कराना उनका प्रमुख लक्ष्य रहेगा। इसके अलावा सदस्यों के व्यावसायिक हितों की रक्षा, विभागीय स्तर पर संवाद को मजबूत करना और युवा कर सलाहकारों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी एजेंडे में शामिल है। उन्होंने दो टूक कहा कि सदस्यों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा, यह बात कहने में भले सख्त लगे, लेकिन संस्था के लिए यही जरूरी है।




