



ग्राम सेतु डेस्क
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (राजस्थान) की उपशाखा पंचायत समिति हनुमानगढ़ के नेतृत्व में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण के लिए चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत पंचायतीराज विभाग के कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और सरकार व विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता नीपेन शर्मा ने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही। प्रदेशभर के करीब 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी ढाई वर्षों से न्यायोचित मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, केडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ, अंतरजिला स्थानांतरण सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी ज्ञापन सौंपा गया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रचार-प्रसार, ज्ञापन, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ और जयपुर कूच जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। वहीं 6 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव और 7 जुलाई को जलमहल पर प्रेस वार्ता व सामूहिक जल समाधि का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मांगों पर त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन की आवश्यकता समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान से पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी। इस मौके पर ब्लॉक के सभी मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।





