




ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ का सेंट्रल पार्क आज युवा उत्साह, जोश और लोकतांत्रिक विश्वास का प्रतीक बन गया। हाथों में मिठाई के डिब्बे, एक-दूसरे को गले लगाते छात्र-युवा और ‘युवा एकता जिंदाबाद’ के नारों के बीच पूरे पार्क का माहौल उत्सव में बदल गया। गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों की ओर से लगाए गए चाय, पकौड़े और मीठे चावल के लंगर ने इस आयोजन को सामाजिक सौहार्द और सेवा की भावना से भी जोड़ दिया। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता बताते हुए इसे लोकतांत्रिक संघर्ष और एकजुटता की जीत करार दिया।
युवाओं ने कहा कि पिछले कई सप्ताह से देशभर के छात्र परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई ने देशभर के युवाओं को झकझोर दिया था। इसके बाद विभिन्न राज्यों के छात्र-युवाओं ने आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
युवाओं ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। जब लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े सवाल उठते हैं और बड़ी संख्या में युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो सरकार को उनकी भावनाओं और मांगों पर गंभीरता से विचार करना पड़ता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की शक्ति का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों की ओर से चाय, पकौड़े और मीठे चावल का लंगर लगाया गया। सभी उपस्थित युवाओं ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भावना की सराहना की। आयोजन में उत्सव के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला।
युवाओं ने कहा कि 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों में भी उत्साह का माहौल बना। उनका कहना था कि इस्तीफे के संदेश में देशभर में बने हालात और युवाओं के भविष्य को लेकर व्यक्त की गई चिंता इस बात का संकेत है कि छात्र-युवाओं की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
सेंट्रल पार्क में मौजूद युवाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का समर्थन अथवा विरोध करना नहीं है। उनकी प्राथमिक चिंता देश की शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की मांगें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जाएं तो उनका प्रभाव अवश्य पड़ता है।
युवाओं ने यह भी कहा कि देश के विद्यार्थियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे। उन्होंने सरकार से ऐसी व्यवस्था विकसित करने की मांग की जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने आंदोलन के दौरान संघर्ष करने वाले सभी विद्यार्थियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और संकल्प लिया कि भविष्य में भी छात्र हितों, शिक्षा सुधार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाते रहेंगे। पूरे आयोजन के दौरान सेंट्रल पार्क में उत्साह, एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विश्वास का वातावरण बना रहा।







