




ग्राम सेतु डेस्क
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित श्रीखुशालदास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू) का सभागार 12 अगस्त को राजस्थानी और हिंदी साहित्य की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी का साक्षी बनेगा। ओम पुरोहित कागद फाउंडेशन, हनुमानगढ़ की ओर से आयोजित होने वाले भव्य सम्मान समारोह में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों को इस वर्ष के ‘ओम पुरोहित कागद स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान सहित अन्य क्षेत्रों से साहित्यकार और साहित्यप्रेमी भी शिरकत करेंगे।
इस वर्ष सम्मान के लिए राजस्थानी भाषा साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि, जोधपुर की प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. पद्मजा शर्मा और बीकानेर के युवा साहित्यकार रोशन बाफना का चयन किया गया है। तीनों साहित्यकारों को साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को लेकर फाउंडेशन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कागद फाउंडेशन की अध्यक्ष भगवती पुरोहित ‘कागद’ ने बताया कि सम्मान समारोह 12 अगस्त को श्रीखुशालदास विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू होगा। इसमें हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के ख्यातनाम साहित्यकारों के साथ बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सम्मान के लिए साहित्यकारों के चयन की प्रक्रिया चयन समिति के माध्यम से पूरी की गई। समिति में वरिष्ठ साहित्यकार राजेश चड्ढा, नरेश मेहन और डॉ. कृष्णकुमार ‘आशु’ शामिल रहे। समिति ने साहित्यकारों के रचनात्मक योगदान और साहित्य के क्षेत्र में उनकी भूमिका को ध्यान में रखते हुए तीनों नामों का चयन किया।
तीन अलग-अलग साहित्यिक धाराओं की प्रतिनिधि मौजूदगी
इस बार के सम्मान समारोह की खासियत यह भी है कि इसमें राजस्थानी और हिंदी साहित्य की अलग-अलग धाराओं से जुड़े साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। श्याम महर्षि राजस्थानी भाषा साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और राजस्थानी भाषा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
वहीं डॉ. पद्मजा शर्मा हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित रचनाकार हैं और जोधपुर से साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। बीकानेर के युवा साहित्यकार रोशन बाफना ने भी अपनी रचनात्मक सक्रियता से साहित्य जगत में पहचान बनाई है। तीनों साहित्यकारों का चयन साहित्य के प्रति उनके योगदान को रेखांकित करता है।
फाउंडेशन के सचिव नरेश मेहन ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सम्मान समारोह में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित आसपास के क्षेत्रों के साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों की मौजूदगी रहेगी। आयोजन के माध्यम से साहित्य के प्रति नई पीढ़ी की रुचि को बढ़ावा देने और क्षेत्र की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
हनुमानगढ़ में साहित्यिक आयोजनों की अपनी एक समृद्ध परंपरा रही है। ऐसे में ‘ओम पुरोहित कागद स्मृति सम्मान’ का आयोजन साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है। एक ही मंच पर राजस्थानी और हिंदी साहित्य से जुड़े प्रतिष्ठित रचनाकारों की मौजूदगी आयोजन को और महत्वपूर्ण बनाएगी।
‘ओम पुरोहित कागद स्मृति सम्मान’ को साहित्यिक जगत में प्रतिष्ठित सम्मान के रूप में जाना जाता है। फाउंडेशन की ओर से अब तक अनेक लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों को यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है। हर वर्ष सम्मान के लिए साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों का चयन किया जाता है।
यह सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार दिवंगत ओम पुरोहित कागद की स्मृति में प्रदान किया जाता है। ओम पुरोहित कागद का वर्ष 2017 में निधन हो गया था। उनके साहित्यिक योगदान और स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से अगले वर्ष से उनकी पुण्यतिथि 12 अगस्त को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्रदान करने की परंपरा शुरू की गई।
समय के साथ यह सम्मान साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बना चुका है। सम्मान समारोह केवल पुरस्कार प्रदान करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह साहित्यकारों, रचनाकारों और साहित्यप्रेमियों को एक मंच पर जोड़ने का अवसर भी बनता है।
12 अगस्त को एसकेडीयू में होने वाला समारोह इसी साहित्यिक परंपरा की अगली कड़ी होगा। श्याम महर्षि, डॉ. पद्मजा शर्मा और रोशन बाफना को सम्मानित किए जाने के साथ ही हनुमानगढ़ एक बार फिर राजस्थानी और हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण आयोजन का केंद्र बनेगा। समारोह में साहित्य की वर्तमान दिशा, रचनात्मक सरोकारों और क्षेत्र की साहित्यिक विरासत को लेकर भी संवाद का वातावरण बनने की उम्मीद है।







