








ग्राम सेतु डॉट कॉम
मद्धिम नीली रोशनियों के बीच बजता रहस्यमयी संगीत, मंच पर लहराता भारी पर्दा और एकटक टकटकी लगाए सांस साधे बैठे सैकड़ों दर्शक। जैसे ही मंच पर जाने-माने जादूगर शिव कुमार की एंट्री होती है, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है। जादूगर की एक चुटकी बजते ही मंच पर जलती हुई मशाल रंग-बिरंगे कबूतरों में तब्दील हो जाती है और हवा में हाथ लहराते ही नोटों की बौछार होने लगती है। कभी मंच पर एक जीवित लड़के के आठ टुकड़े कर फिर उसे सकुशल जोड़ दिया जाता है, तो कभी कांच के बड़े बक्से में पानी के अंदर मौत को चुनौती देने का सांस थाम देने वाला दृश्य सामने आता है। मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक हर आंख फटी की फटी रह जाती है और लोग दांतों तले अंगुलियां दबाने पर मजबूर हो जाते हैं। इन दिनों हनुमानगढ़ की फिजाओं में ऐसा ही जादुई रोमांच छाया हुआ है।
देश-विदेश में अपनी कला का परचम लहरा चुके प्रसिद्ध जादूगर शिव कुमार ने हनुमानगढ़ में पूरी तरह धूम मचा रखी है। करीब एक दशक यानी 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वे एक बार फिर इस शहर के लोगों को अपने हैरतअंगेज करतबों से रूबरू कराने पहुंचे हैं।
जादू को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर बात करते हुए जादूगर शिव कुमार ने ‘ग्राम सेतु डॉट कॉम’ के माध्यम से बहुत ही स्पष्ट और तार्किक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जादू कोई दैवीय चमत्कार, पराप्राकृतिक शक्ति या तंत्र-मंत्र की विद्या नहीं है। यह पूरी तरह से तीव्र अभ्यास, नजरों के फेर, विज्ञान और तकनीकी ट्रिक्स का अनूठा तालमेल है। उन्होंने बताया कि इस कला का मुख्य उद्देश्य लोगों को अचरज में डालते हुए एक स्वस्थ और बौद्धिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है। जब मंच पर किसी असंभव दिखने वाली घटना को संभव बनाकर दिखाया जाता है, तो वह केवल अभ्यास और तकनीक की कुशलता होती है।
शो के दौरान मंच पर एक जीवित लड़के को बक्से में बंद कर उसके आठ टुकड़े करना और फिर अगले ही पल उसे सही-सलामत खड़ा कर देना दर्शकों को स्तब्ध कर देता है। विशालकाय नागकन्या के साथ जादूगर का साहसिक युद्ध, हवा में तैरती वस्तुएं और दर्शकों के ऊपर लाखों रुपयों की जादुई बारिश जैसे दृश्य शो को बेहद खास बनाते हैं। हर एक ट्रिक के खत्म होते ही सभागार दर्शकों की वाहवाही और तालियों से गूंज उठता है।
हनुमानगढ़ टाउन में रावतसर रोड स्थित उत्तम पैलेस में आयोजित यह मैजिक शो परिवारों के लिए एक बेहतरीन शाम बिताने का जरिया बन चुका है। लगभग दो घंटे तक चलने वाले इस शो में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लिए पर्याप्त रोमांच मौजूद है।
दर्शकों की भारी मांग और उमड़ती भीड़ को देखते हुए प्रतिदिन दो शो आयोजित किए जा रहे हैं। पहला शो दोपहर 1.00 बजे और दूसरा शो शाम 7.00 बजे शुरू होता है। वहीं, रविवार के दिन दर्शकों की विशेष संख्या को ध्यान में रखते हुए 3 शो रखे गए हैं, जिनका समय दोपहर 1.00 बजे, शाम 4.00 बजे और रात्रि 7.00 बजे निर्धारित है।
जाने-माने जादूगर शिव कुमार भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा दुनिया के 6 अन्य देशों में भी अपने भव्य शो कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली ख्याति के बावजूद उनका दिल हमेशा अपने वतन में ही रमता है। उन्होंने भावुक होते हुए साझा किया कि अपने देश और अपने जिले के लोगों के बीच जादू दिखाना उन्हें सबसे अधिक संतुष्टि देता है। उन्होंने कहा कि वे यहां सिर्फ व्यावसायिक लाभ या धन कमाने के उद्देश्य से नहीं आते, बल्कि अपने लोगों के चेहरों पर आश्चर्य और खुशी देखने आते हैं। अपनों की तालियों की गड़गड़ाहट किसी भी अंतरराष्ट्रीय सम्मान या कमाई से कहीं अधिक मूल्यवान होती है।
हनुमानगढ़ के दर्शकों से मिल रहे स्नेह और आत्मीयता से शिव कुमार बेहद अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ के लोग बेहद जिंदादिल और कला के सच्चे पारखी हैं। यहां के दर्शकों से मिल रहा भरपूर प्यार और सम्मान यादगार है।
आयोजन समिति के अनुसार, हनुमानगढ़ टाउन के उत्तम पैलेस में यह जादुई शो आगामी 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा। ऐसे में शहरवासियों के पास इस दुर्लभ और हैरतअंगेज जादुई संसार का साक्षी बनने का यह सुनहरा मौका है।







