





ग्राम सेतु ब्यूरो
आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने तथा रोगमुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित जाट भवन में भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस स्वास्थ्य शिविर में क्षेत्र के 151 मरीजों एवं आमजन ने स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श तथा प्राकृतिक उपचार सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का शुभारंभ श्री गुरु गोबिंद सिंह चौरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा नेता अमित चौधरी, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश सिरवी, प्रदीप ऐरी, बार संघ हनुमानगढ़ के अध्यक्ष रोहित खींची, समाजसेवी देवेंद्र अग्रवाल, जाट समाज हनुमानगढ़ के अध्यक्ष इंदरपाल रिणवा, अनिल थोरी, व्यापार संघ के अध्यक्ष पदमचंद जैन, व्यापार मंडल हनुमानगढ़ के अध्यक्ष धर्मपाल जिंदल, अजय धुडिया, करनी सिंह, वेद भांबू, अमरजीत सिंह, न्यू सिविल लाइन वेलफेयर समिति के अध्यक्ष मोहनलाल इंदलिया, पंडित जसवीर शर्मा, रामनिवास मांडण, भारतेंदु सैनी, कृष्ण चाहर, कृष्ण तायल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं रिबन काटकर किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र सैनी के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. नवनीत भारद्वाज, डॉ. राकेश बगड़िया एवं डॉ. रोहित कादयान ने मरीजों की निःशुल्क जांच कर उन्हें आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार संबंधी परामर्श प्रदान किया। चिकित्सकों ने किडनी एवं लीवर रोग, हृदय संबंधी समस्याएं, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ की समस्याएं, स्लिप डिस्क (एल-4 एवं एल-5), नसों के रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी तथा अन्य दीर्घकालिक एवं जीवनशैली जनित रोगों के संबंध में विशेष परामर्श दिया।
इस अवसर पर मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योगाभ्यास, प्राकृतिक उपचार विधियों तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेद और नेचुरोपैथी केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रखने की समग्र जीवन पद्धति हैं।
संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, जो व्यक्ति को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित खान-पान, तनावपूर्ण जीवनशैली एवं शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण अनेक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या एवं जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाकर स्वास्थ्य के प्रति सजग होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ सकें।
भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान एवं बढ़ते मानसिक तनाव के कारण लोग अनेक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति लोगों को स्वस्थ, संतुलित एवं रोगमुक्त जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रेरित कर रहे हैं।
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश सिरवी ने महर्षि वाग्भट के नाम पर संचालित वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने समाज सेवा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में जुनेजा परिवार के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
शिविर प्रभारी अनिल जांदू ने बताया कि संस्था द्वारा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तथा परामर्श शिविर आयोजित कर लोगों को आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद शरीर को बिना दुष्प्रभाव के स्वस्थ रखने वाली वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, जिसका मुख्य उद्देश्य रोगों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संरक्षण है।
शिविर के सफल संचालन एवं व्यवस्थाओं में विपणन कार्यकारी विकास भादू, मलकीत सिंह, औषधि विशेषज्ञ राजकुमार, पूजा गौड़, विजय, सुनील प्रजापत, रवि, लोकेश, शिवानी, हरनूर, मंजू, सपना, पिंकी, वंदना, स्नेहा, खुशबू, किरणपाल सहित नर्सिंग एवं आयुष पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों तथा वाग्भट टीम के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य शिविरों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को भी प्रदर्शित किया।






