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पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अटल भूजल योजना के तहत लंबे समय से लंबित किसानों की अनुदान राशि के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने लंबित देनदारियों का भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से करने की स्वीकृति दे दी है। कृषि विभाग की लंबित देनदारियों के लिए करीब 90 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसमें अकेले हनुमानगढ़ जिले के किसानों के लिए 37 करोड़ 89 लाख 46 हजार रुपये जारी किए गए हैं।
कृषि आधारित हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के 17 जिलों में अटल भूजल योजना का क्रियान्वयन 1 अप्रैल 2020 से किया जा रहा था। इस योजना के माध्यम से किसानों को जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं के लिए अनुदान दिया गया। योजना के तहत खेत तलाई, सिंचाई पाइपलाइन, डिग्गी, कृषि यंत्र, फसल बदलाव की लघु किट, फव्वारा, लघु फव्वारा सिंचाई तथा बूंद-बूंद सिंचाई जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया।
भारत सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं किए जाने के कारण प्रदेश के किसानों की करीब 158 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का भुगतान लंबित रह गया था। इसमें कृषि विभाग की करीब 90.91 करोड़ रुपये तथा उद्यानिकी विभाग की 66.16 करोड़ रुपये की देनदारी शामिल थी। योजना बंद होने के बाद किसानों को अपने अनुदान के भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा था।
राज्य सरकार की ओर से लंबित राशि के भुगतान के लिए केंद्र सरकार से कई बार संपर्क किया गया। मुख्यमंत्री, कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष तथा मुख्य सचिव स्तर से जल शक्ति मंत्रालय को पत्राचार कर किसानों की लंबित देनदारियों के भुगतान का आग्रह किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने में देरी और केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं किए जाने के कारण लंबित अनुदान का भुगतान अटक गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों के हित में लंबित देनदारियों का भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से करने का निर्णय लिया।
वित्त विभाग ने अटल भूजल योजना के तहत लंबित देनदारियों का भुगतान राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद कृषि आयुक्त नरेश गोयल ने संबंधित जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।
कृषि विभाग की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए जारी राशि में हनुमानगढ़ को 37 करोड़ 89 लाख 46 हजार रुपये मिले हैं। संबंधित जिला अधिकारियों को पात्र किसानों का तत्काल सत्यापन पूरा कर अनुदान राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी योजना के तहत स्वीकृत राशि लंबे समय से अटकी हुई थी। उद्यानिकी विभाग की करीब 66.16 करोड़ रुपये की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए भी अलग से शीघ्र कार्रवाई की जा रही है।
पंचायतीराज चुनाव से ठीक पहले सरकार के इस फैसले को कृषि प्रधान जिलों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हनुमानगढ़ जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसान सिंचाई सुविधाओं और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में लंबित अनुदान का भुगतान किसानों के लिए सीधी आर्थिक राहत साबित हो सकता है।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने कहा कि विभाग किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रहा है और सभी प्रकार के लंबित भुगतानों को शीघ्र पूरा किया जा रहा है। अब जिला स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों के खातों में लंबित अनुदान राशि पहुंचने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।






