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लोकतंत्र को मजबूत करने और राजनीति में शुचिता, सिद्धांत और सेवाभाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रतिष्ठित ‘द गुड पॉलिटिशियन’ कार्यक्रम के तहत हनुमानगढ़ जिले को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। हनुमानगढ़ कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक एवं राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस की महासचिव पुष्पा पारीक का चयन इस कार्यक्रम के लिए हुआ है। पारीक दंपती 9 महीने तक चलने वाले इस नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले 10 दिवसीय आवासीय शिविर में भाग लेने के लिए नई दिल्ली स्थित डॉन बोस्को स्कूल, ओखला पहुंची हैं।
शिविर के पहले दिन देश के 14 राज्यों से पहुंचे प्रतिभागियों का स्वागत और पंजीकरण किया गया। इसके तुरंत बाद उद्घाटन सत्र में देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार और वरिष्ठ टीवी एंकर राजदीप सरदेसाई का विशेष सत्र आयोजित हुआ।
सरदेसाई ने ‘राजनीतिक यात्रा में नैतिक मूल्य और शुचिता’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए ईमानदार, सिद्धांतवादी और वैचारिक स्पष्टता वाले लोगों का मुख्यधारा की राजनीति में आगे आना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।
इस दौरान कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक ने संवाद सत्र में भाग लेते हुए राजदीप सरदेसाई से तीखे व विचारोत्तेजक सवाल पूछे। पारीक ने राजनीति में मीडिया की बदलती भूमिका और कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ के प्रभाव पर सरदेसाई के विचार जाने। अश्विनी पारीक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने राजस्थान की राजनीति के दो चर्चित युवा चेहरों भरतपुर से सांसद संजना जाटव और बांसवाड़ा से सांसद राजकुमार रोत का विशेष रूप से उल्लेख किया।
सरदेसाई ने कहा कि संजना जाटव और राजकुमार रोत दोनों ने बिना किसी पारंपरिक पारिवारिक राजनीतिक रसूख या वंशवाद के सहारे, केवल अपने जमीनी संघर्ष, जनता से सीधे जुड़ाव और नैतिक प्रतिबद्धता के दम पर देश की सबसे बड़ी पंचायत (संसद) में अपनी मजबूत जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उभरते राजनेताओं के लिए यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यदि इरादे मजबूत हों और जुड़ाव जमीन से हो, तो संसाधनहीन पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को पछाड़ सकते हैं।
अश्विनी पारीक ने बताया कि ‘द गुड पॉलिटिशियन’ कार्यक्रम में वर्तमान में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश के 14 अलग-अलग राज्यों से प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम की सबसे सुखद और उल्लेखनीय बात यह है कि इसमें महिला राजनेताओं की भागीदारी बहुत बड़ी संख्या में है।
अश्विनी पारीक ने कहा कि आज समाज में धारणा बन चुकी है कि राजनीति केवल छल-कपट और धनबल का खेल है, लेकिन इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी का यह मंच यह सिखाता है कि किस प्रकार सिद्धांतों, संवैधानिक मूल्यों और गांधीवादी सेवाभाव को केंद्र में रखकर भी एक सफल और जनप्रिय राजनेता बना जा सकता है। आने वाले 9 महीनों में यह मंच जमीनी नेतृत्व, नीति-निर्माण, जनसंवाद और सांगठनिक कौशल को निखारने का काम करेगा, जिसका सीधा लाभ उन्हें अपने क्षेत्र की जनता की सेवा में मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि संस्थान के इतिहास में वर्ष 2019 के बाद यह पहला अवसर है जब राजनीतिक रूप से सक्रिय किसी दंपती का एक साथ इस प्रतिष्ठित फेलोशिप/प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। इसे न केवल पारीक दंपती बल्कि समूचे हनुमानगढ़ जिले के राजनीतिक हलकों के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव पुष्पा पारीक ने चयन प्रक्रिया के बारे में ‘ग्राम सेतु डॉट कॉम’ को बताया कि ‘इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए पूरे देश से विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं और दलों से जुड़े हजारों नेताओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी, कठिन और बहुस्तरीय थी। प्रथम चरण में हजारों ऑनलाइन आवेदनों की विस्तृत समीक्षा और प्राथमिक छंटनी। द्वितीय चरण में चयनित राजनेताओं का टेलीफोनिक इंटरव्यू और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन। तृतीय चरण (बूट कैंप) में देश के तीन प्रमुख महानगरों नागपुर, नई दिल्ली और बेंगलुरु में दो दिवसीय गहन आवासीय बूट कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में साक्षात्कार, समूह चर्चा और विभिन्न बौद्धिक व राजनीतिक गतिविधियों के आधार पर शीर्ष 150 में से 45 राजनेताओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम रूप से पूरे भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों से 50 उभरते हुए राजनेताओं को इस मुख्य कार्यक्रम के लिए चुना गया।
पुष्पा पारीक के मुताबिक, इस राष्ट्रीय स्तर के मंच पर हनुमानगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राजनीति को स्वच्छ, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल नए दौर के नेताओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी।






