



ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित शिव मंदिर सिनेमा के पास झुग्गी बस्ती। खूब चहल-पहल है। कहीं स्लेट-पेंसिल की खटखट, कहीं बच्चों की हंसी, तो कहीं आंखों में पहली बार स्कूल जाने का सपना। यूं लग रहा, उम्मीदों का उत्सव हो जैसे। सशक्त नारी पाठशाला में बैठा हर बच्चा आज खुद को थोड़ा बड़ा, थोड़ा आत्मविश्वासी महसूस कर रहा है। जिन गलियों में कभी पढ़ाई की बात दूर की कौड़ी लगती थी, वहीं अब किताबें खुल रही हैं और भविष्य आकार ले रहा है।
हनुमानगढ़ में सशक्त नारी संस्थान द्वारा प्रत्येक रविवार को संचालित सशक्त नारी पाठशाला अब एक नई दिशा और मंजिल की ओर बढ़ चुकी है। 8 फरवरी से निरंतर चल रही इस पाठशाला ने न केवल झुग्गी बस्ती के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखी है। यह पहल दिखाती है कि अगर नीयत साफ हो और मेहनत ईमानदार, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती।
संस्थान के अथक प्रयासों का सबसे ठोस परिणाम तब सामने आया, जब बस्ती के चार बच्चों का प्रवेश एमजीजीएस स्कूल, भट्ठा कॉलोनी में करवाया गया। ये चार नाम सिर्फ दाखिले नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों के लिए आशा की किरण हैं, जहां शिक्षा अब तक पहुंच से बाहर थी। बच्चों के माता-पिता की आंखों में भरोसा साफ झलकता है कि अब उनके बच्चे भी वही रास्ता चलेंगे, जो समाज को आगे ले जाता है।
संस्थान यहीं नहीं रुका। अन्य बच्चों को भी नियमित रूप से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हो सके। पाठशाला में केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसम्मान और सपने देखने की आदत भी सिखाई जा रही है। पुराने जमाने की बात है, पहले बच्चा स्कूल जाता था, फिर दुनिया बदलती थी। यहां वही परंपरा फिर से जिंदा होती दिख रही है।
सशक्त नारी संस्थान बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। यह एक व्यावहारिक कदम है, क्योंकि बिना पहचान के अधिकार अधूरे रह जाते हैं। आधार बनने से बच्चों को भविष्य में सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। यह सोच बताती है कि संस्थान केवल आज नहीं, आने वाले कल की भी तैयारी कर रहा है।
इस सराहनीय कार्य के पीछे संस्थान की अध्यक्ष मिताली अग्रवाल का मार्गदर्शन और नेतृत्व केंद्रीय भूमिका में रहा है। उनकी प्रेरणा और दूरदृष्टि के कारण यह अभियान संभव हो पाया। एडवोकेट मिताली अग्रवाल ने ‘ग्राम सेतु डॉट कॉम’ से कहा, ‘हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे।’
मिताली अग्रवाल के मुताबिक, इस अभियान को सफल बनाने में शिवानी स्वामी और रजनी अग्रवाल का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा। दोनों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण ने पाठशाला को निरंतर ऊर्जा दी। बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाना, परिवारों से संवाद करना और हर छोटी जरूरत का ध्यान रखना, यही असली सेवा है।
संस्थान की पूरी टीम ने एकजुट होकर इस सामाजिक कार्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। टीम में प्रीति गुप्ता (सचिव), सीमा गुप्ता (कोषाध्यक्ष), निशा मित्तल (उपाध्यक्ष) के साथ स्वेता गोयल, मिली पाठक और स्नेहा जिंदल जैसे समर्पित सदस्य शामिल हैं। सबने मिलकर साबित किया कि समाज बदलने के लिए बड़े मंच नहीं, बड़ा दिल चाहिए।






