





ग्राम सेतु ब्यूरो.
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा संचालित जनजागरूकता कार्यक्रमों में सशक्त नारी संस्थान ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अभियान को मजबूती प्रदान की है। संस्थान का स्पष्ट मत है कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इन्हें जनभागीदारी के माध्यम से एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। उद्देश्य साफ है, आज बचाया गया पानी ही कल की पीढ़ियों का जीवन आधार बनेगा
सशक्त नारी संस्थान की अध्यक्ष एडवोकेट मिताली अग्रवाल ने जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदीलाल मीना से भेंट कर संस्थान की ओर से पूर्ण सहयोग और समर्थन का भरोसा दिलाया। इस संवाद में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष चर्चा हुई। बात भी सही है, घर-घर तक संदेश पहुँचाने की ताकत महिलाओं के पास है, बस दिशा और मंच चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति धमीजा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जल संरक्षण को फाइलों से निकालकर गलियों तक लाना होगा। जब तक महिलाएं, युवा, बच्चे और वरिष्ठजन स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक जल संकट जैसी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की ओर से अधिकारियों को पौधे एवं कपड़े की थैलियां भेंट की गईं। ये थैलियां संस्थान द्वारा संचालित निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं द्वारा तैयार की जा रही हैं। यह पहल प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के साथ-साथ महिला आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण है। पर्यावरण संरक्षण और रोजगारकृदोनों साथ-साथ, यही तो पुरानी समझदारी है।
सशक्त नारी संस्थान द्वारा टाउन स्थित कामधेनु गौशाला में सेवा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान सदस्यों ने गौमाताओं को हरा चारा खिलाकर गौसेवा की और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया। गौशाला के कर्मचारियों से व्यवस्थाओं, संचालन और दैनिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा भविष्य में सहयोग का आश्वासन भी दिया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष एडवोकेट मिताली अग्रवाल ने कहा कि समाज सेवा में संवेदनशीलता और निरंतरता आवश्यक है। गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और ऐसे कार्य समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं। साथ ही उन्होंने सभी से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति सतत जागरूक रहने का आह्वान किया। संस्थान सदस्य श्वेता बब्बर ने कहा कि गौशाला में सेवा करने से आत्मिक शांति मिलती है और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिलती है।
पदाधिकारियों ने सशक्त नारी संस्थान द्वारा किए जा रहे सामाजिक, जागरूकता और महिला सशक्तिकरण के कार्यों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक पहल बताया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रभारी रजनी अग्रवाल, शिवानी स्वामी, स्नेहा जिंदल, सोनिया राजपूत, सुजाता सुखानी, गुंजन गजरा एवं प्रीति धमीजा सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।





