




भटनेर पोस्ट पॉलिटिकल डेस्क
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का हालिया पुष्कर दौरा राजनीतिक हलकों में खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने संगठन से जुड़े कुछ जिलाध्यक्षों और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की। इसी क्रम में हनुमानगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर और उनके परिवार के सदस्यों से हुई भेंट ने सभी का ध्यान खींचा।
पुष्कर में हुई इस मुलाकात के दौरान मनीष मक्कासर अपनी धर्मपत्नी सोनिया सिंह, पुत्र दिग्विजय सिंह गोदारा, हरजीत सिंह गोदारा और पुत्री वेदिका सिंह के साथ राहुल गांधी से मिले। मनीष मक्कासर ने ‘भटनेर पोस्ट’ को बताया कि राहुल गांधी ने पूरे परिवार से बेहद सादगी और अपनत्व के साथ बातचीत की, जिससे औपचारिकता का भाव कहीं नजर नहीं आया। परिजनों के अनुसार, ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वे देश के इतने बड़े नेता से पहली बार मिल रहे हैं।
मुलाकात के दौरान मनीष मक्कासर ने राहुल गांधी को भेंट स्वरूप पंडित जवाहरलाल नेहरू और अपने दादा हरिराम मक्कासर की एक तस्वीर दिखाई। इसके साथ उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ा एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी संस्मरण साझा किया। मनीष ने बताया कि जब युद्ध के समय देश को धन की सख्त आवश्यकता थी, तब उनके दादा हरिराम मक्कासर ने अपने घर के करीब छह किलो सोना देश को समर्पित करने की घोषणा की थी। यहीं नहीं, उन्होंने पूरे इलाके में घूम-घूमकर लोगों से सोना एकत्र किया और अंततः करीब 180 किलोग्राम सोना देश के लिए समर्पित किया गया।
यह सुनकर राहुल गांधी आश्चर्यचकित रह गए। मनीष मक्कासर ने आगे बताया कि इस योगदान से प्रभावित होकर पंडित नेहरू ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मौके पर ही कहा था कि ऐसे देशभक्त परिवार को राजनीति में आगे लाया जाना चाहिए, जिसमें देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने का जज़्बा हो। पंडित नेहरू ने जब हरिराम मक्कासर के बेटे शोपत सिंह को मंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा, तो हरिराम मक्कासर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका बेटा कांग्रेस में नहीं आएगा, वह तो कॉमरेड है।
इस पर नेहरू ने जिज्ञासा से पूछा कि इस समय उनका बेटा कहां है। जवाब मिला, जेल में। यह सुनकर नेहरू और भी चकित हो गए कि जिसका बेटा जेल में हो, वही पिता देश के लिए सोना एकत्र कर रहा है। मनीष मक्कासर के अनुसार, यह पूरा संस्मरण सुनकर राहुल गांधी भावुक हो गए और उन्होंने परिवार की पृष्ठभूमि तथा वर्तमान पीढ़ी के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मनीष ने राहुल गांधी को बताया कि कॉमरेड शोपत सिंह के पुत्र राजेंद्र मक्कासर कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और जिला प्रमुख भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे स्वयं हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने परिवार की बेटी वेदिका सिंह से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा। जब उन्हें बताया गया कि वेदिका आईआईटी रुड़की से पासआउट हैं, तो राहुल गांधी ने प्रसन्नता जताई और युवाओं की शिक्षा, अवसरों और भविष्य को लेकर उनसे संवाद किया।
राहुल गांधी ने मनीष मक्कासर की पत्नी सोनिया सिंह से भी बातचीत की। सोनिया सिंह ने महिलाओं की रोजमर्रा की समस्याओं, विशेषकर बढ़ती महंगाई का रसोई पर पड़ने वाले असर को लेकर अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया दी। मुलाकात के बाद मक्कासर परिवार ने राहुल गांधी की सादगी, सहजता और मानवीय व्यवहार की सराहना की। उनका कहना था कि इतने बड़े नेता से मिलकर भी कहीं से दूरी या औपचारिकता महसूस नहीं हुई।







