






ग्राम सेतु ब्यूरो.
मानसून के दौरान संभावित वर्षा और आगामी दिनों में घग्घर नदी में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने टिब्बी क्षेत्र में घग्घर नदी के पट्टड़ों की मजबूती, चल रहे सुदृढ़ीकरण कार्यों और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला कलक्टर ने टिब्बी क्षेत्र में जीडीसी 24 आरडी से 42 आरडी तक चल रहे पट्टड़ों के सुदृढ़ीकरण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यरत मशीनों की कार्यप्रणाली देखी और अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की गति बढ़ाने, संवेदनशील और कमजोर स्थानों की लगातार निगरानी रखने तथा जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त संसाधन लगाकर कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
डॉ. खुशाल यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर पट्टड़े कमजोर हैं, वहां तत्काल जेसीबी मशीनों और अन्य आवश्यक संसाधनों की मदद से उन्हें मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सभी कमजोर बिंदुओं की पहचान कर पहले से ही प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि घग्घर नदी में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग आने वाली मशीनरी, संसाधन और मानवबल हर समय उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा समय-समय पर स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान हनुमानगढ़ उपखंड अधिकारी मांगीलाल सुथार, टिब्बी तहसीलदार हरीश सारण, जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता कंवरपाल तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का उद्देश्य विपरीत स्थिति से पहले सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना है, ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके। जिला कलक्टर के इस निरीक्षण को मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








