





ग्राम सेतु ब्यूरो.
हाथों में तिरंगा, गूंजते नारे और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प… अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से निकली ‘लोकतंत्र बचाओ तिरंगा यात्रा’ ने शहर में देशभक्ति और राजनीतिक चेतना का माहौल बना दिया। कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता तिरंगा लेकर कदम से कदम मिलाते हुए भगत सिंह चौक, राजीव चौक और बस स्टैंड से होते हुए वापस भगत सिंह चौक पहुंचे। यात्रा का नेतृत्व सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक ने किया। पूरे कार्यक्रम में पारीक की संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की शैली खास तौर पर नजर आई।
यात्रा के दौरान जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक ने अगस्त क्रांति दिवस के महत्व को आजादी के आंदोलन और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि यह दिन आदिवासी दिवस के साथ-साथ देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद करने का अवसर है। आज लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और ऐसे समय में कांग्रेस सेवादल की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
पारीक ने कहा कि जिस कांग्रेस सेवादल ने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वही संगठन आज लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जमीन पर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सेवादल आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ मजबूती से वैचारिक लड़ाई लड़ने का काम कर रहा है।
दरअसल, अश्विनी पारीक का वक्तव्य केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की ऐतिहासिक भूमिका और वर्तमान जिम्मेदारी का अहसास कराने का प्रयास किया। यही वजह रही कि यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं में लगातार उत्साह दिखाई दिया।
तिरंगा यात्रा में विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने सेवादल के संगठनात्मक नेटवर्क की तस्वीर सामने रखी। अश्विनी पारीक के नेतृत्व में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम से जोड़ने की कवायद दिखाई दी।
पारीक लगातार कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद रहे और यात्रा की व्यवस्थाओं पर नजर रखते रहे। कार्यकर्ताओं की कतार, यात्रा का निर्धारित मार्ग और विभिन्न स्थानों पर नेताओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को व्यवस्थित स्वरूप दिया। सेवादल के भीतर अश्विनी पारीक की संगठन क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया गया कि कार्यक्रम में शहर, देहात, महिला संगठन तथा विभिन्न ब्लॉक इकाइयों के पदाधिकारी एक साथ नजर आए। यात्रा के राजनीतिक संदेश को भी स्पष्ट रखा गया। कांग्रेस सेवादल ने संकेत दिया कि आने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जा रहा है।
निवर्तमान जिला प्रमुख कविता मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से जेनरेशन-जी की लड़ाई लड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों, रोजगार और भविष्य को लेकर सवाल कर रही है और उसकी आवाज को राजनीतिक मंच मिलना जरूरी है।
मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब युवा, किसान, मजदूर और आम नागरिक अपनी बात खुलकर रख सकें। तिरंगा यात्रा इसी लोकतांत्रिक भावना को मजबूत करने का प्रयास है।
कांग्रेस नेता कृष्ण नेहरा और सेवादल महासचिव महेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि गरीब, मजदूर और किसान भाजपा से त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा का संदेश जनता तक पहुंचाया जा रहा है।
शहर ब्लॉक अध्यक्ष जिनेंद्र जैन और देहात अध्यक्ष संदीप सिद्धू ने कहा कि आगामी पंचायत एवं नगरीय चुनावों में कांग्रेस सेवादल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा कि सेवादल के माध्यम से भाजपा की विचारधारा को चुनाव में हराने के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जाएगा।
इन बयानों से साफ है कि तिरंगा यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं थी, बल्कि कांग्रेस सेवादल ने इसे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए संगठन की सक्रियता दिखाने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल किया।
यात्रा में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुलोचना बावरी, विजय गोंद, खुशी अमलानी, धर्मेंद्र बजाज, आमिर खान, शाहरुख कुरैशी, राम सिंह साहू, इशाक चायनान, इन्द्रपाल, मामराज परिहार, नवदीप राणा, विकास रांगेरा, गंगाराम खटीक और हरिराम भारद्वाज सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगरिया ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश भाट, पीलीबंगा ब्लॉक अध्यक्ष भगवाना राम, हनुमानगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष संजय होटला, राजेंद्र मेघवाल कोहला, चंदन मोंगा, अमजद प्रधान, रणवीर नायक, लोकेंद्र भाटी, गोविंद रेगर, गौरव देवड़ा, कृष्ण पेंटर, धर्मवीर, कृष्ण सांखला और जयपाल गिरी सहित अन्य पदाधिकारी भी यात्रा में शामिल हुए।
रेलवे स्टेशन से शुरू हुई यात्रा जब शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी तो तिरंगे के साथ कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने माहौल को जीवंत बना दिया। भगत सिंह चौक पर यात्रा के समापन के साथ कांग्रेस सेवादल ने लोकतंत्र, संविधान और संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। साथ ही अश्विनी पारीक के नेतृत्व में सेवादल की जमीनी सक्रियता बढ़ाने और आगामी चुनावों में संगठन को प्रभावी भूमिका में उतारने का संदेश भी सामने आया।







