






ग्राम सेतु ब्यूरो.
आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं रोगमुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से श्री पुष्टिकर समिति, एसआरएस निजी शिक्षण संस्था संघ नोहर एवं वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में नोहर स्थित पुष्करणा भवन में भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में 270 से अधिक मरीजों एवं नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाया। शिविर में लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी ने स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को प्रदर्शित किया।
शिविर का शुभारंभ श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा, सिमरन जुनेजा, एसआरएस निजी शिक्षण संस्था संघ नोहर के तहसील अध्यक्ष प्रदीप पुरोहित, चौधरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर प्रताप सिंवर, गोगामेड़ी गोरखटीला से श्यामनाथ महाराज, पूर्व नगरपालिका चेयरमैन राजेन्द्र चाचान, वरिष्ठ भाजपा नेता काशीराम गोदारा, ओम सुथार, जोन जोशी (अध्यक्ष, पुष्करणा भवन नोहर), पवन कंदोई, संजय मोदी, रूप सिंह राजपुरी एवं राजेन्द्र थिरानी सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काटकर किया।
शिविर में डॉ. राकेश, डॉ. मांगीलाल विश्नोई एवं डॉ. हरीश लखेरा ने मरीजों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार संबंधी परामर्श प्रदान किया।
शिविर के दौरान किडनी एवं लीवर रोग, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ की समस्याएं, स्लिप डिस्क (एल-4 एवं एल-5), नसों से संबंधित रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी सहित विभिन्न दीर्घकालिक एवं जीवनशैली से जुड़े रोगों के संबंध में विशेषज्ञ परामर्श दिया गया। इस अवसर पर शिविर में आए सभी मरीजों एवं अतिथियों को वाग्भट अमृत काढ़ा भी निःशुल्क पिलाया गया।
वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा परंपरा है, जो व्यक्ति को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अनियमित खान-पान, तनावपूर्ण जीवनशैली तथा शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण अनेक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या एवं जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रमुख उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक लोगों तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जनजागरूकता पैदा करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त होता है तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
वरिष्ठ भाजपा नेता काशीराम गोदारा ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान एवं बढ़ते मानसिक तनाव के कारण लोग अनेक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है। उन्होंने निःशुल्क चिकित्सा शिविर को समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
प्रदीप पुरोहित सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महर्षि वाग्भट के नाम पर संचालित वाग्भट वैलनेस आयुष रिसर्च सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि संस्था आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने समाज सेवा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में जुनेजा परिवार के योगदान को प्रेरणादायी बताया।
शिविर के सफल संचालन में शिविर प्रभारी अनिल जांदू, शिविर कार्यवाहक विकास भादू, अनिल जिज्ञासू, प्रदीप भाम्भू, योगा विभाग से बजरंग, औषधि विशेषज्ञ राजकुमार, पूजा गौड़, कमलेश, रवि कुमार, निहारिका, कुमकुम, सतपाल, संतोष, नवपरीत, दीपक, लोकेश, वसुंधरा, सुशील, पिंकी, स्नेह्य, जितेन्द्र, आरती, प्रियंका एवं पंकज सहित नर्सिंग एवं आयुष पैरामेडिकल विभाग के विद्यार्थियों तथा वाग्भट टीम के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया और आयोजकों द्वारा किए गए इस जनसेवी प्रयास की सराहना की।






