





ग्राम सेतु पॉलिटिकल डेस्क
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन में हनुमानगढ़ के नेताओं की सक्रिय मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा के साथ हनुमानगढ़ के कांग्रेस नेता रामेश्वर चांवरिया और राजीव बिश्नोई भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया, जिनमें चांवरिया और बिश्नोई भी शामिल थे।
प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर सबसे अधिक चर्चा रामेश्वर चांवरिया के एक वीडियो की हो रही है। वायरल वीडियो में वे पुलिस वैन की खिड़की से बाहर झुककर ‘पीएम मोदी मुर्दाबाद’ और ‘मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है और हनुमानगढ़ सहित प्रदेशभर में राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने के बाद दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां उन्हें कुछ समय तक रखा गया। रात करीब 10 बजे से नेताओं को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामेश्वर चांवरिया और राजीव बिश्नोई भी रात करीब एक बजे अपने आवास पहुंचे। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई, जबकि सरकार का पक्ष है कि सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

हनुमानगढ़ के राजनीतिक हलकों में इस प्रदर्शन की विशेष चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि रामेश्वर चांवरिया और राजीव बिश्नोई पिछले कुछ समय से केंद्रीय राजनीति में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। दोनों नेता दिल्ली में संगठनात्मक गतिविधियों में नियमित भागीदारी निभा रहे हैं और पार्टी के विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान भी कांग्रेस ने दोनों नेताओं पर भरोसा जताया था। उन्हें मधुबनी जिले में चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां संगठन को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका रही। माना जा रहा है कि कांग्रेस अब संघर्षशील और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तवज्जो दे रही है। ऐसे में रामेश्वर चांवरिया का राजनीतिक भविष्य और बेहतर माना जा रहा है।
रामेश्वर चांवरिया का राजनीतिक अनुभव भी काफी लंबा रहा है। वे कृषि उपज मंडी समिति, हनुमानगढ़ के चेयरमैन रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी जिला परिषद में डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वहीं राजीव बिश्नोई भी लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में लगातार भागीदारी करते रहे हैं। बहरहाल, राहुल गांधी के नेतृत्व वाले इस प्रदर्शन में चांवरिया और बिश्नोई की भागीदारी और उसके बाद वायरल हुआ वीडियो आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।








