




ग्राम सेतु ब्यूरो
खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त समाज की सबसे मजबूत नींव हैं। यदि हर स्कूल में खेल संस्कृति विकसित हो और प्रत्येक विद्यार्थी खेल मैदान से जुड़े, तो नशे जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। यह बात जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने शिक्षा विभाग, हनुमानगढ़ के तत्वावधान में सारस्वत भवन, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित दो दिवसीय शारीरिक शिक्षा अध्यापक संगोष्ठी के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहाकि ‘नशामुक्त हनुमानगढ़’ का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब स्कूल स्तर पर खेल गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने शारीरिक शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करें और अधिक से अधिक बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं, जिससे वे नशे जैसी बुराइयों से स्वतः दूर रहते हैं।
प्रत्येक विद्यालय में नियमित खेल गतिविधियों का आयोजन होना चाहिए और हर विद्यार्थी को किसी न किसी खेल से जोड़ा जाना चाहिए। इससे न केवल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
समारोह में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कड़ेला, जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बठला, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हनुमानगढ़ काशीराम सहारण, प्रधानाचार्य रजनीश गोदारा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (खेलकूद) भीमसेन तथा जिला खेलकूद अधिकारी शमशेर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने खेलों के महत्व, विद्यालयों में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने तथा शारीरिक शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
दो दिवसीय संगोष्ठी में जिलेभर से आए शारीरिक शिक्षकों ने खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, खेल नियमों में हुए बदलाव तथा खेल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। खेल विशेषज्ञों ने नवीन नियमों, प्रतियोगिता संचालन और खेल गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी जानकारियां साझा कीं।
संगोष्ठी के संयोजक एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा थेड़ी के प्रधानाचार्य नागेंद्र सिंह जादौन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। वहीं स्थानीय संयोजक एवं शारीरिक शिक्षक प्रभु दयाल ने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त अनुभव आगामी खेल प्रतियोगिताओं के सफल और बेहतर आयोजन में बेहद उपयोगी साबित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान इस सत्र में सेवानिवृत्त हुए शारीरिक शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। उपस्थित शिक्षकों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
समापन समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने सुविख्यात कार्टूनिस्ट व शारीरिक अध्यापक मस्तान सिंह और नसीब सिंह द्वारा तैयार किए गए ‘नशामुक्त हनुमानगढ़’ विषयक पोस्टरों का विमोचन भी किया। इसके साथ ही मानस अभियान के अंतर्गत उपस्थित सभी शिक्षकों और प्रतिभागियों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम का मंच संचालन राम प्रताप गोदारा ने किया। संगोष्ठी का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि विद्यालयों में खेल गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाकर न केवल खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार की जाएगी, बल्कि नशामुक्त, स्वस्थ और अनुशासित हनुमानगढ़ के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।








