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आधुनिक दौर में महिलाओं को केवल अधिकारों के प्रति जागरूक करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहारिक कौशलों से जोड़कर आर्थिक व मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना वक्त की सबसे बड़ी मांग है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए सशक्त नारी संस्थान हनुमानगढ़ ने एक और प्रभावशाली कदम बढ़ाया है। संस्था द्वारा अपनी अभिनव मुहिम ‘हर महीने एक नया हुनर’ के तहत स्थानीय महिलाओं के लिए दो दिवसीय निःशुल्क ‘सेल्फ मेकअप एवं स्किन केयर’ कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में शहर की अनेक युवतियों व महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सौंदर्य व त्वचा देखभाल की बारीकियों को समझा।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मिताली अग्रवाल बताती हैं कि सशक्त नारी संस्थान द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अक्सर महिलाएं अपनी व्यक्तिगत ग्रूमिंग और कौशल विकास पर ध्यान नहीं दे पाती हैं। इसी अंतर को पाटने के लिए ‘हर महीने एक नया हुनर’ अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत हर माह महिलाओं की रुचि और व्यावहारिक उपयोगिता से जुड़ा एक नया विषय चुना जाता है।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को महंगे सैलूनों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दैनिक ग्रूमिंग और त्वचा की उचित देखभाल स्वयं करने में सक्षम बनाना रहा। कार्यशाला पूरी तरह निःशुल्क रखी गई, ताकि आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर वर्ग की महिला इसका लाभ उठा सके।
इस दो दिवसीय विशेष क्लास का संचालन ख्यात मेकअप आर्टिस्ट और संस्थान की संगठन मंत्री सोनिया नारंग द्वारा किया गया। उन्होंने न केवल सैद्धांतिक जानकारी साझा की, बल्कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) रूप से हर स्टेप को करके दिखाया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। जैसे, रोजमर्रा के जीवन, ऑफिस या पारिवारिक आयोजनों के लिए हल्का, त्वरित और प्राकृतिक दिखने वाला मेकअप कैसे किया जाए। अलग-अलग स्किन टाइप (ऑयली, ड्राई, कॉम्बिनेशन) को समझना और उसके अनुसार सुरक्षित व सही उत्पादों का चुनाव करना। प्रदूषण, धूप और दैनिक तनाव से त्वचा की रक्षा करने, क्लींजिंग, टोनिंग व मॉइस्चराइजिंग की सही विधि। मेकअप उपकरणों का सही उपयोग और उनकी स्वच्छता बनाए रखने के तरीके।
सोनिया नारंग ने कहा कि सेल्फ मेकअप और स्किन केयर केवल बाहरी सुंदरता निखारने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हर महिला के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाने वाला कौशल है। जब कोई महिला स्वयं को स्वस्थ और सुसज्जित महसूस करती है, तो उसके भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल का संचार होता है। उन्होंने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाले ऐसे आयोजनों में वे भविष्य में भी निरंतर अपना सक्रिय योगदान देती रहेंगी।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सशक्त नारी संस्थान की अध्यक्ष डॉ. मिताली अग्रवाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के युग में असली नारी सशक्तिकरण वही है जो महिलाओं के हाथ में कोई उपयोगी हुनर थमाए। केवल जागरूकता व्याख्यानों से बदलाव नहीं आता, बल्कि कौशल विकास के जरिए उनका आत्मविश्वास और स्वावलंबन मजबूत होता है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि संस्थान केवल इसी कार्यशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित रूप से बहुआयामी गतिविधियां संचालित कर रहा है। महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाकर स्वरोजगार से जोड़ना। हस्तकला और पारंपरिक धागे के हुनर को आधुनिक रूप देकर आय का जरिया बनाना। महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखना। आधुनिक दौर की जरूरतों के अनुसार व्यक्तित्व निखारना। उन्होंने दोहराया कि सशक्त नारी संस्थान आने वाले समय में भी महिलाओं के लिए नए-नए कौशल आधारित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे गृहिणियां और छात्राएं अपनी क्षमताओं को पहचान सकें।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में संस्थान की संरक्षक दीपा डालमिया एवं कोषाध्यक्ष सीमा गुप्ता सहित कई गणमान्य सदस्य और भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण में भाग लेने वाली महिलाओं ने इसे बेहद उपयोगी और व्यावहारिक बताया। प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह की क्लास से न केवल दैनिक खर्चों में बचत होगी, बल्कि वे इस कौशल को आगे बढ़ाकर छोटे स्तर पर ब्यूटी व ग्रूमिंग के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत भी कर सकती हैं।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि ‘हर महीने एक नया हुनर’ श्रृंखला आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी। आगामी महीनों में डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन, कुकिंग और अन्य रोजगारोन्मुखी कौशलों पर केंद्रित निःशुल्क प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाएं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा सकें।






