





ग्राम सेतु डेस्क
सावन की हरियाली, रंग-बिरंगे परिधानों की छटा, तीज के मधुर लोकगीतों की गूंज और महिलाओं की खिलखिलाती मुस्कान… मानो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति के रंगों में सराबोर हो उठा। कहीं पारंपरिक गीतों की स्वर-लहरियां थीं तो कहीं मित्रता के अटूट बंधन को मजबूत करने का संकल्प। उत्साह, उमंग और अपनत्व से भरे इस मनोहारी माहौल में सशक्त नारी संस्थान के तत्वावधान में आयोजित तीज महोत्सव एवं मित्रता दिवस ने महिलाओं को न केवल सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा, बल्कि आपसी प्रेम, विश्वास और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद तीज पर्व की पारंपरिक छटा पूरे आयोजन पर छा गई। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक आभूषणों से सुसज्जित महिलाओं ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम स्थल को जीवंत बना दिया। तीज की थीम पर आकर्षक सजावट ने वातावरण को और अधिक मनोहारी बना दिया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सावन स्वयं धरती पर उतर आया हो।
महिलाओं ने तीज के पारंपरिक लोकगीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर एक-दूसरे का मन मोह लिया। लोकनृत्यों की लय और गीतों की मधुरता ने उपस्थित सभी महिलाओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय लोकसंस्कृति की झलक प्रत्येक प्रस्तुति में दिखाई दी। महिलाओं की ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने यह संदेश दिया कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं आज भी समाज की आत्मा हैं।
तीज महोत्सव के साथ मनाए गए मित्रता दिवस ने आयोजन को विशेष आयाम प्रदान किया। संस्थान की महिला कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मित्रता बंधन बांधकर सच्ची दोस्ती, आपसी सहयोग, विश्वास और प्रेम को जीवनभर बनाए रखने का संकल्प लिया।
सशक्त नारी संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मिताली अग्रवाल ने कहा कि मित्रता केवल औपचारिक संबंध नहीं, बल्कि जीवन के हर सुख-दुख में साथ निभाने वाला सबसे मजबूत भावनात्मक रिश्ता है। समाज में पारस्परिक विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत बनाने के लिए ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों, समूह गीतों और संवाद सत्रों का भी आयोजन किया गया। महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। संवाद सत्र में प्रतिभागियों ने तीज पर्व के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। साथ ही भारतीय परिवार व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका, सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और नई पीढ़ी तक सांस्कृतिक परंपराओं को पहुंचाने की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
संस्थान की अध्यक्ष डॉ. मिताली अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि महिलाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना को भी नई दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त नारी संस्थान का उद्देश्य महिलाओं को समाज में अधिक सक्रिय, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी सोच के साथ संस्थान समय-समय पर सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तीकरण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाले सांस्कृतिक सूत्र हैं। तीज महिलाओं की आस्था, प्रेम, प्रकृति और पारिवारिक मूल्यों का पर्व है, जबकि मित्रता दिवस आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। जब दोनों अवसर एक साथ मनाए जाते हैं तो सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों की गरिमा और अधिक प्रबल होकर सामने आती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज एवं मित्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सौहार्द, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया। समिति सचिव प्रीति गुप्ता ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया। तालियों की गूंज, मुस्कुराते चेहरों और लोकगीतों की मधुर स्मृतियों के साथ समारोह का समापन हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति, मित्रता और महिला सशक्तीकरण का संदेश सभी के मन में लंबे समय तक गूंजता रहा।







