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राजधानी जयपुर का ऐतिहासिक शहीद स्मारक। हाथों में तिरंगा, सिर पर गांधी टोपी और सीने में लोकतंत्र को बचाने का जज्बा लिए चारों तरफ सफेद वर्दीधारी कांग्रेस सेवादल के जांबाज डटे हुए थे। नारों की गूंज से पूरा इलाका थर्रा रहा था और फिजा में सिर्फ एक ही आवाज तैर रही थी, ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट का अधिकार बचाओ।’ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजस्थान कांग्रेस सेवादल की ओर से छेड़े गए इस महाआंदोलन का माहौल बेहद गरमा-गरम और जोश से भरा नजर आया। इस पूरे शक्ति प्रदर्शन में हनुमानगढ़ जिले की मौजूदगी ने अलग ही छाप छोड़ी। हनुमानगढ़ सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक की अगुवाई में जिले से पहुंचे 25 श्वेत सैनिकों के जत्थे ने प्रदेशाध्यक्ष हेम सिंह शेखावत के नेतृत्व में आयोजित इस सत्याग्रह में पूरी ताकत झोंक दी।
शहीद स्मारक पर सुबह से ही राजस्थान के कोने-कोने से सेवादल कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मंच से लेकर सड़क तक केवल सफेद लिबास में अनुशासित कार्यकर्ताओं की कतारें दिखाई दे रही थीं। जैसे ही हनुमानगढ़ का जत्था ‘कांग्रेस सेवादल जिंदाबाद’ और ‘लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे’ के गगनभेदी नारे लगाते हुए धरना स्थल पर दाखिल हुआ, पूरे पंडाल में जोश की नई लहर दौड़ गई।
सत्याग्रह के दौरान मंच से बोलते हुए हनुमानगढ़ सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के रवैये पर तीखा हमला बोला। उनके तेवर काफी आक्रामक और तल्ख नजर आए। अश्विनी पारीक ने साफ लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा, ‘आज देश में लोकतंत्र सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। वोट की हिफाजत के लिए राजस्थान कांग्रेस सेवादल ने यह महाआंदोलन शुरू किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अब अपनी कुर्सी छोड़नी ही होगी, उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा। अगर चुनाव आयोग अपनी मनमानी से बाज नहीं आया और ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो कांग्रेस सेवादल के ये श्वेत सैनिक चुप बैठने वाले नहीं हैं। हम इस सत्याग्रह को जिला स्तर पर और ज्यादा उग्र बनाएंगे और पूरे प्रदेश में श्जेल भरो आंदोलनश् की शुरुआत करेंगे।’
पारीक ने आगे कहा, ‘कांग्रेस का इतिहास हमेशा से गांधीवादी विचारों, सच्चाई और अहिंसा के रास्ते पर चलने का रहा है। हमारे देश की आजादी और संविधान की नींव अहिंसा के बूते रखी गई थी। आज हनुमानगढ़ का एक-एक श्वेत सैनिक इस बात का संकल्प लेकर जयपुर आया है कि हम जिला स्तर पर पूरी तरह गांधीवादी और पुरअमन तरीके से अपनी लड़ाई लड़ेंगे। लाठी-गोली या सरकार के किसी दबाव के आगे झुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता।’
सेवादल जिलाध्यक्ष अश्विनी पारीक ने दो टूक कहा, ’यह लड़ाई किसी एक पार्टी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों के वोट की ताकत और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की है। जब तक लोकतंत्र को कमजोर करने वाली और संवैधानिक संस्थाओं को कठपुतली बनाने वाली ताकतों को पीछे हटने पर मजबूर नहीं कर दिया जाता, तब तक यह श्लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रहश् यूं ही जारी रहेगा। हम मैदान छोड़कर भागने वालों में से नहीं हैं।’
सत्याग्रह में हनुमानगढ़ जिले की सभी तहसीलों, ब्लॉकों और विंग्स के प्रमुख चेहरों ने एक साथ कदमताल की। मंच के सामने और रैलियों में जिले के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
धरने और प्रदर्शन में शामिल प्रमुख पदाधिकारियों में जिला उपाध्यक्ष अनिल तिवाड़ी, संगठन महासचिव महेंद्र चतुर्वेदी, जिला सचिव एवं वार्ड 50 के पार्षद लखविंदर सिंह, जिला महासचिव धर्मेंद्र बजाज, आमीन खान (नोहर), राम सिंह साहू (नोहर), शाहरुख कुरैशी (हनुमानगढ़), जिला सचिव हरिराम भारद्वाज (नोहर), राजप्रकाश रोहिल्ला (हनुमानगढ़), प्रकाश भाट (ब्लॉक अध्यक्ष, संगरिया), भगवाना राम लखूवाली (ब्लॉक अध्यक्ष, पीलीबंगा), संजय होटला (ब्लॉक अध्यक्ष, हनुमानगढ़ शहर), हेत राम भाटी (ब्लॉक अध्यक्ष, रावतसर), राजेंद्र चबरवाल (ब्लॉक अध्यक्ष, नोहर देहात), सुरेंद्र कुमार (ब्लॉक उपाध्यक्ष, पीलीबंगा), महेश जाखड़ (ब्लॉक उपाध्यक्ष, संगरिया), राजेश पालीवाल, विजय कुमार आदि मौजूद थे।
युवाओं की टोली यानी सेवादल यंग ब्रिगेड ने भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नारों के जरिए माहौल में जान फूंके रखी। यंग ब्रिगेड से लोकेंद्र सिंह भाटी (जिला अध्यक्ष, यंग ब्रिगेड), रफीक मोहम्मद (जिला उपाध्यक्ष, यंग ब्रिगेड), अकरम खान, अब्बास अली, सुरेश दास (जिला महासचिव, यंग ब्रिगेड) आदि पदाधिकारियों और ब्लॉक अध्यक्षों समेत जिले के कुल 25 श्वेत सैनिकों के साथ-साथ बड़ी तादाद में सेवादल कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह में कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के आखिर में सभी कार्यकर्ताओं ने एक सुर में संकल्प दोहराया कि जयपुर से शुरू हुई यह चिंगारी अब हनुमानगढ़ के हर गांव, कस्बे और ढाणी तक पहुंचेगी और जनता को उनके वोट के हक के लिए जागरूक किया जाएगा।





